ज्योतिष जन्म पत्रिका

दिनांक 2 अप्रैल, 1916, समय 5:30 पूर्वाह्न एवं स्थान- उज्जैन, भारत के लिए ग्रह स्थिती
ग्रह राशी/अंश दिशा नक्षत्र पद राशी स्वामी नक्षत्र स्वामी गति (डिग्री/दिन) उच्च / नीच प्रकृति
लग्न मीन 1° 40' 35" पूव॔ भाद्रपद 4 गुरू गुरू
सूर्य मीन 19° 13' 52" मार्गी रेवती 1 गुरू बुध 0.9862
चंद्र मीन 10° 47' 25" मार्गी उत्तर भाद्रपद 3 गुरू शनि 13.4601
बुध मीन 6° 28' 12" मार्गी उत्तर भाद्रपद 1 गुरू शनि 1.8251 नीच
शुक्र वृषभ 3° 26' 8" मार्गी क्रितिका 3 शुक्र सूर्य 1.094 मित्र
मंगल कक॔ 18° 23' 7" मार्गी आश्लेशा 1 चंद्र बुध 0.1283 नीच
गुरू मीन 18° 55' 48" मार्गी रेवती 1 गुरू बुध 0.2419
शनि मिथुन 17° 16' 31" मार्गी आद्रा 4 बुध राहु 0.039 मित्र
राहु मकर 12° 11' 16" श्रवन 1 शनि चंद्र
केतु कक॔ 12° 11' 16" पुष्पा 3 चंद्र शनि मित्र
अरूण मकर 25° 54' 22" मार्गी धनिष्ठा 1 शनि मंगल 0.04
वरूण कक॔ 7° 12' 50" वक्री पुष्पा 2 चंद्र शनि -0.0048 सम
यम मिथुन 8° 36' 5" मार्गी आद्रा 1 बुध राहु 0.0066 सम




कृपया ध्यान दें: यह राशिफल सामान्य जानकारी के लिए है और केवल उन लोगों के लिए है जो अपने जन्म स्थान या जन्म के समय को निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। ज्योतिष में, किसी जन्म कुंडली के लिए सबसे जरूरी तत्व जन्मस्थान, जन्म तिथि और जन्म का समय माना जाता है। अतः, अपने जन्मस्थान, दिनांक और समय के अनुसार, भारतीय ज्योतिष पर आधारित कुंडली के विवरण को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

नाटाल (जन्म) चार्ट


ग्रह ग्रह दृष्टि
लग्न वरूण(240°)
सूर्य मंगल(240°) गुरू(0°) केतु(240°)
चंद्र बुध(0°) मंगल(240°) राहु(60°) केतु(240°) अरूण(45°) वरूण(240°)
बुध राहु(60°) केतु(240°) वरूण(240°)
शुक्र सूर्य(45°) बुध(60°) गुरू(45°) अरूण(90°)
मंगल सूर्य(120°) चंद्र(120°) गुरू(120°) शनि(30°) राहु(180°) केतु(0°) अरूण(180°)
गुरू मंगल(240°) केतु(240°)
शनि सूर्य(90°) चंद्र(90°) शुक्र(45°) गुरू(90°)
राहु मंगल(180°) केतु(180°) वरूण(180°)
केतु सूर्य(120°) चंद्र(120°) बुध(120°) गुरू(120°) राहु(180°) वरूण(0°)
अरूण मंगल(180°)
वरूण चंद्र(120°) बुध(120°) शुक्र(60°) राहु(180°) यम(30°)
यम चंद्र(90°) बुध(90°) राहु(150°)

आपसे संबंधित कुछ तथ्य


आपकी राशि (पाश्चात्य) है - मीन आपकी राशि (भारतीय) है - मीन
आपका लग्न है - मीन आपके लग्न का स्वामी है - गुरू
आपके लग्न का नक्षत्र है - पूव॔ भाद्रपद आपके लग्न के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपके चंद्र का नक्षत्र है - उत्तर भाद्रपद आपके चंद्र के नक्षत्र का स्वामी है - शनि
आपके सूर्य का नक्षत्र है - रेवती आपके सूर्य के नक्षत्र का स्वामी है - बुध
आपका शुभ अंक है - 1, 4 और 3 आपका शुभ रंग है - लाल और पीला
आपका शुभ दिन है - गुरूवार और रविवार आपका शुभ रत्न है - लहसुनिया