ज्योतिष जन्म पत्रिका

दिनांक 4 दिसम्बर, 1916, समय 5:30 पूर्वाह्न एवं स्थान- उज्जैन, भारत के लिए ग्रह स्थिती
ग्रह राशी/अंश दिशा नक्षत्र पद राशी स्वामी नक्षत्र स्वामी गति (डिग्री/दिन) उच्च / नीच प्रकृति
लग्न तुला 29° 46' 45" विशाखा 3 शुक्र गुरू
सूर्य वृश्चिक 18° 49' 35" मार्गी ज्येष्ठा 1 मंगल बुध 1.0147 शत्रु
चंद्र मीन 13° 10' 37" मार्गी उत्तर भाद्रपद 3 गुरू शनि 13.4813
बुध वृश्चिक 24° 19' 16" मार्गी ज्येष्ठा 3 मंगल बुध 1.5634 सम
शुक्र तुला 14° 41' 17" मार्गी स्वाती 3 शुक्र राहु 1.2267 मूल-त्रिकोण मित्र
मंगल धनु 9° 2' 5" मार्गी मूल 3 गुरू केतु 0.7605
गुरू मेष 3° 13' 15" वक्री अश्वनी 1 मंगल केतु -0.0579 मित्र
शनि कक॔ 7° 27' 43" वक्री पुष्पा 2 चंद्र शनि -0.0397 शत्रु
राहु धनु 29° 9' 6" उत्तराषाड़ 1 गुरू सूर्य नीच
केतु मिथुन 29° 9' 6" पुनरवसु 3 बुध गुरू नीच मित्र
अरूण मकर 23° 43' 32" मार्गी धनिष्ठा 1 शनि मंगल 0.0318
वरूण कक॔ 12° 0' 46" वक्री पुष्पा 3 चंद्र शनि -0.0144 सम
यम मिथुन 11° 6' 55" वक्री आद्रा 2 बुध राहु -0.0185 सम




कृपया ध्यान दें: यह राशिफल सामान्य जानकारी के लिए है और केवल उन लोगों के लिए है जो अपने जन्म स्थान या जन्म के समय को निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। ज्योतिष में, किसी जन्म कुंडली के लिए सबसे जरूरी तत्व जन्मस्थान, जन्म तिथि और जन्म का समय माना जाता है। अतः, अपने जन्मस्थान, दिनांक और समय के अनुसार, भारतीय ज्योतिष पर आधारित कुंडली के विवरण को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

नाटाल (जन्म) चार्ट


ग्रह ग्रह दृष्टि
लग्न शनि(120°) केतु(120°)
सूर्य चंद्र(240°) वरूण(120°)
चंद्र सूर्य(120°) शुक्र(150°) मंगल(90°) शनि(240°) वरूण(240°)
बुध सूर्य(0°) शनि(135°)
शुक्र शनि(90°) वरूण(90°) यम(120°)
मंगल शुक्र(60°) गुरू(240°) शनि(150°) वरूण(150°) यम(180°)
गुरू सूर्य(135°) मंगल(120°) राहु(90°)
शनि चंद्र(120°) गुरू(90°)
राहु केतु(180°)
केतु गुरू(90°) राहु(180°)
अरूण सूर्य(60°) बुध(60°) मंगल(45°)
वरूण सूर्य(240°) चंद्र(120°) शनि(0°) यम(30°)
यम चंद्र(90°) शुक्र(240°) मंगल(180°)

आपसे संबंधित कुछ तथ्य


आपकी राशि (पाश्चात्य) है - वृश्चिक आपकी राशि (भारतीय) है - मीन
आपका लग्न है - तुला आपके लग्न का स्वामी है - शुक्र
आपके लग्न का नक्षत्र है - विशाखा आपके लग्न के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपके चंद्र का नक्षत्र है - उत्तर भाद्रपद आपके चंद्र के नक्षत्र का स्वामी है - शनि
आपके सूर्य का नक्षत्र है - ज्येष्ठा आपके सूर्य के नक्षत्र का स्वामी है - बुध
आपका शुभ अंक है - 1, 4 और 3 आपका शुभ रंग है - लाल और पीला
आपका शुभ दिन है - गुरूवार और रविवार आपका शुभ रत्न है - लहसुनिया