ज्योतिष जन्म पत्रिका

दिनांक 5 मार्च, 1916, समय 5:30 पूर्वाह्न एवं स्थान- उज्जैन, भारत के लिए ग्रह स्थिती
ग्रह राशी/अंश दिशा नक्षत्र पद राशी स्वामी नक्षत्र स्वामी गति (डिग्री/दिन) उच्च / नीच प्रकृति
लग्न मकर 26° 26' 36" धनिष्ठा 1 शनि मंगल
सूर्य कुंभ 21° 24' 26" मार्गी पूव॔ भाद्रपद 1 शनि गुरू 1.0017
चंद्र मीन 2° 11' 41" मार्गी पूव॔ भाद्रपद 4 गुरू गुरू 13.797
बुध मकर 24° 29' 38" मार्गी धनिष्ठा 1 शनि मंगल 1.1257
शुक्र मेष 1° 34' 18" मार्गी अश्वनी 1 मंगल केतु 1.174 शत्रु
मंगल कक॔ 19° 24' 11" वक्री आश्लेशा 1 चंद्र बुध -0.215 नीच
गुरू मीन 12° 13' 21" मार्गी उत्तर भाद्रपद 3 गुरू शनि 0.2345
शनि मिथुन 16° 53' 40" वक्री आद्रा 4 बुध राहु -0.0124 मित्र
राहु मकर 13° 40' 17" श्रवन 2 शनि चंद्र
केतु कक॔ 13° 40' 17" पुष्पा 4 चंद्र शनि मित्र
अरूण मकर 24° 35' 54" मार्गी धनिष्ठा 1 शनि मंगल 0.0534
वरूण कक॔ 7° 32' 5" वक्री पुष्पा 2 चंद्र शनि -0.0187 सम
यम मिथुन 8° 34' 1" वक्री आद्रा 1 बुध राहु -0.0041 सम




कृपया ध्यान दें: यह राशिफल सामान्य जानकारी के लिए है और केवल उन लोगों के लिए है जो अपने जन्म स्थान या जन्म के समय को निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। ज्योतिष में, किसी जन्म कुंडली के लिए सबसे जरूरी तत्व जन्मस्थान, जन्म तिथि और जन्म का समय माना जाता है। अतः, अपने जन्मस्थान, दिनांक और समय के अनुसार, भारतीय ज्योतिष पर आधारित कुंडली के विवरण को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

नाटाल (जन्म) चार्ट


ग्रह ग्रह दृष्टि
लग्न बुध(0°) मंगल(180°) अरूण(0°)
सूर्य शनि(240°)
चंद्र वरूण(240°)
बुध मंगल(180°)
शुक्र चंद्र(30°)
मंगल सूर्य(150°) बुध(180°) गुरू(120°) राहु(180°) केतु(0°) अरूण(180°)
गुरू मंगल(240°) राहु(60°) केतु(240°) वरूण(240°)
शनि सूर्य(120°) गुरू(90°) राहु(150°)
राहु मंगल(180°) केतु(180°) वरूण(180°)
केतु गुरू(120°) राहु(180°) वरूण(0°)
अरूण बुध(0°) मंगल(180°)
वरूण सूर्य(135°) चंद्र(120°) शुक्र(90°) गुरू(120°) राहु(180°) यम(30°)
यम चंद्र(90°) बुध(135°) गुरू(90°) अरूण(135°)

आपसे संबंधित कुछ तथ्य


आपकी राशि (पाश्चात्य) है - कुंभ आपकी राशि (भारतीय) है - मीन
आपका लग्न है - मकर आपके लग्न का स्वामी है - शनि
आपके लग्न का नक्षत्र है - धनिष्ठा आपके लग्न के नक्षत्र का स्वामी है - मंगल
आपके चंद्र का नक्षत्र है - पूव॔ भाद्रपद आपके चंद्र के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपके सूर्य का नक्षत्र है - पूव॔ भाद्रपद आपके सूर्य के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपका शुभ अंक है - 1, 4 और 3 आपका शुभ रंग है - लाल और पीला
आपका शुभ दिन है - गुरूवार और रविवार आपका शुभ रत्न है - लहसुनिया