ज्योतिष जन्म पत्रिका

दिनांक 10 अक्तूबर, 1916, समय 5:30 पूर्वाह्न एवं स्थान- उज्जैन, भारत के लिए ग्रह स्थिती
ग्रह राशी/अंश दिशा नक्षत्र पद राशी स्वामी नक्षत्र स्वामी गति (डिग्री/दिन) उच्च / नीच प्रकृति
लग्न कन्या 11° 1' 19" हस्त 1 बुध चंद्र
सूर्य कन्या 23° 39' 16" मार्गी चित्रा 1 बुध मंगल 0.9885 शत्रु
चंद्र मीन 6° 54' 27" मार्गी उत्तर भाद्रपद 2 गुरू शनि 14.0861
बुध कन्या 14° 31' 49" वक्री हस्त 2 बुध चंद्र -0.7695 उच्च मूल-त्रिकोण सम
शुक्र सिंह 9° 36' 24" मार्गी मघा 3 सूय॔ केतु 1.1147 सम
मंगल तुला 28° 41' 19" मार्गी विशाखा 3 शुक्र गुरू 0.7033 शत्रु
गुरू मेष 9° 30' 34" वक्री अश्वनी 3 मंगल केतु -0.1257 मित्र
शनि कक॔ 6° 53' 50" मार्गी पुष्पा 2 चंद्र शनि 0.059 शत्रु
राहु मकर 2° 3' 58" उत्तराषाड़ 2 शनि सूर्य
केतु कक॔ 2° 3' 58" पुनरवसु 4 चंद्र गुरू मित्र
अरूण मकर 23° 11' 7" वक्री श्रवन 4 शनि चंद्र -0.0132
वरूण कक॔ 11° 58' 53" मार्गी पुष्पा 3 चंद्र शनि 0.0157 सम
यम मिथुन 11° 43' 59" वक्री आद्रा 2 बुध राहु -0.0019 सम




कृपया ध्यान दें: यह राशिफल सामान्य जानकारी के लिए है और केवल उन लोगों के लिए है जो अपने जन्म स्थान या जन्म के समय को निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। ज्योतिष में, किसी जन्म कुंडली के लिए सबसे जरूरी तत्व जन्मस्थान, जन्म तिथि और जन्म का समय माना जाता है। अतः, अपने जन्मस्थान, दिनांक और समय के अनुसार, भारतीय ज्योतिष पर आधारित कुंडली के विवरण को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

नाटाल (जन्म) चार्ट


ग्रह ग्रह दृष्टि
लग्न चंद्र(180°) शुक्र(30°) गुरू(150°) शनि(60°) वरूण(60°) यम(90°)
सूर्य शुक्र(45°) अरूण(240°) वरूण(72.5°)
चंद्र बुध(180°) शनि(240°) राहु(60°) केतु(240°) अरूण(45°) वरूण(240°)
बुध चंद्र(180°) केतु(72.5°) वरूण(60°) यम(90°)
शुक्र चंद्र(150°) गुरू(120°) यम(60°)
मंगल बुध(45°) केतु(120°) यम(135°)
गुरू शुक्र(240°) राहु(90°)
शनि चंद्र(120°) गुरू(90°) राहु(180°) केतु(0°)
राहु मंगल(60°) शनि(180°) केतु(180°)
केतु चंद्र(120°) मंगल(240°) गुरू(90°) राहु(180°)
अरूण सूर्य(120°) मंगल(90°)
वरूण चंद्र(120°) गुरू(90°) शनि(0°) यम(30°)
यम चंद्र(90°) गुरू(60°)

आपसे संबंधित कुछ तथ्य


आपकी राशि (पाश्चात्य) है - कन्या आपकी राशि (भारतीय) है - मीन
आपका लग्न है - कन्या आपके लग्न का स्वामी है - बुध
आपके लग्न का नक्षत्र है - हस्त आपके लग्न के नक्षत्र का स्वामी है - चंद्र
आपके चंद्र का नक्षत्र है - उत्तर भाद्रपद आपके चंद्र के नक्षत्र का स्वामी है - शनि
आपके सूर्य का नक्षत्र है - चित्रा आपके सूर्य के नक्षत्र का स्वामी है - मंगल
आपका शुभ अंक है - 1, 4 और 3 आपका शुभ रंग है - लाल और पीला
आपका शुभ दिन है - गुरूवार और रविवार आपका शुभ रत्न है - लहसुनिया