ज्योतिष जन्म पत्रिका

दिनांक 11 जुलाई, 1916, समय 5:30 पूर्वाह्न एवं स्थान- उज्जैन, भारत के लिए ग्रह स्थिती
ग्रह राशी/अंश दिशा नक्षत्र पद राशी स्वामी नक्षत्र स्वामी गति (डिग्री/दिन) उच्च / नीच प्रकृति
लग्न मिथुन 20° 50' 26" पुनरवसु 1 बुध गुरू
सूर्य मिथुन 25° 38' 43" मार्गी पुनरवसु 2 बुध गुरू 0.9533 शत्रु
चंद्र तुला 27° 19' 57" मार्गी विशाखा 3 शुक्र गुरू 14.1609 शत्रु
बुध मिथुन 7° 41' 37" मार्गी आद्रा 1 बुध राहु 1.6415 मित्र
शुक्र मिथुन 14° 33' 32" वक्री आद्रा 3 बुध राहु -0.5299
मंगल कन्या 0° 8' 50" मार्गी उत्तर फाल्गुनी 2 बुध सूर्य 0.5751 सम
गुरू मेष 9° 31' 33" मार्गी अश्वनी 3 मंगल केतु 0.1324 मित्र
शनि मिथुन 27° 10' 29" मार्गी पुनरवसु 3 बुध गुरू 0.1299 मित्र
राहु मकर 6° 53' 19" उत्तराषाड़ 4 शनि सूर्य
केतु कक॔ 6° 53' 19" पुष्पा 2 चंद्र शनि मित्र
अरूण मकर 26° 11' 43" वक्री धनिष्ठा 1 शनि मंगल -0.0324
वरूण कक॔ 9° 9' 9" मार्गी पुष्पा 2 चंद्र शनि 0.0363 सम
यम मिथुन 10° 31' 50" मार्गी आद्रा 2 बुध राहु 0.0237 सम




कृपया ध्यान दें: यह राशिफल सामान्य जानकारी के लिए है और केवल उन लोगों के लिए है जो अपने जन्म स्थान या जन्म के समय को निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। ज्योतिष में, किसी जन्म कुंडली के लिए सबसे जरूरी तत्व जन्मस्थान, जन्म तिथि और जन्म का समय माना जाता है। अतः, अपने जन्मस्थान, दिनांक और समय के अनुसार, भारतीय ज्योतिष पर आधारित कुंडली के विवरण को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

नाटाल (जन्म) चार्ट


ग्रह ग्रह दृष्टि
लग्न चंद्र(240°) शुक्र(0°) गुरू(72.5°)
सूर्य चंद्र(240°) अरूण(150°)
चंद्र सूर्य(120°) मंगल(60°) शनि(120°) यम(135°)
बुध गुरू(60°) राहु(150°)
शुक्र बुध(0°) गुरू(60°) यम(0°)
मंगल सूर्य(60°) बुध(90°) शनि(60°) राहु(240°)
गुरू राहु(90°) अरूण(72.5°)
शनि सूर्य(0°) चंद्र(240°) अरूण(150°)
राहु मंगल(120°) केतु(180°) वरूण(180°)
केतु बुध(30°) गुरू(90°) राहु(180°)
अरूण चंद्र(90°) मंगल(150°)
वरूण बुध(30°) गुरू(90°) राहु(180°) केतु(0°) यम(30°)
यम बुध(0°) गुरू(60°) राहु(150°) अरूण(135°)

आपसे संबंधित कुछ तथ्य


आपकी राशि (पाश्चात्य) है - मिथुन आपकी राशि (भारतीय) है - तुला
आपका लग्न है - मिथुन आपके लग्न का स्वामी है - बुध
आपके लग्न का नक्षत्र है - पुनरवसु आपके लग्न के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपके चंद्र का नक्षत्र है - विशाखा आपके चंद्र के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपके सूर्य का नक्षत्र है - पुनरवसु आपके सूर्य के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपका शुभ अंक है - 2, 7 और 1 आपका शुभ रंग है - नारंगी और सफेद
आपका शुभ दिन है - रविवार और सोमवार आपका शुभ रत्न है - दूधिया पत्थर