ज्योतिष जन्म पत्रिका

दिनांक 12 दिसम्बर, 1916, समय 5:30 पूर्वाह्न एवं स्थान- उज्जैन, भारत के लिए ग्रह स्थिती
ग्रह राशी/अंश दिशा नक्षत्र पद राशी स्वामी नक्षत्र स्वामी गति (डिग्री/दिन) उच्च / नीच प्रकृति
लग्न वृश्चिक 6° 40' 22" अनुराधा 2 मंगल शनि
सूर्य वृश्चिक 26° 57' 4" मार्गी ज्येष्ठा 4 मंगल बुध 1.0166 शत्रु
चंद्र मिथुन 24° 18' 44" मार्गी पुनरवसु 2 बुध गुरू 11.9092 सम
बुध धनु 6° 49' 42" मार्गी मूल 3 गुरू केतु 1.5637
शुक्र तुला 24° 31' 42" मार्गी विशाखा 2 शुक्र गुरू 1.2333 मूल-त्रिकोण मित्र
मंगल धनु 15° 8' 38" मार्गी पूवा॔षाड़ 1 गुरू शुक्र 0.7668
गुरू मेष 2° 51' 48" वक्री अश्वनी 1 मंगल केतु -0.0311 मित्र
शनि कक॔ 7° 5' 33" वक्री पुष्पा 2 चंद्र शनि -0.0523 शत्रु
राहु धनु 28° 43' 40" उत्तराषाड़ 1 गुरू सूर्य नीच
केतु मिथुन 28° 43' 40" पुनरवसु 3 बुध गुरू नीच मित्र
अरूण मकर 23° 59' 8" मार्गी धनिष्ठा 1 शनि मंगल 0.0374
वरूण कक॔ 11° 52' 57" वक्री पुष्पा 3 चंद्र शनि -0.018 सम
यम मिथुन 10° 57' 47" वक्री आद्रा 2 बुध राहु -0.0195 सम




कृपया ध्यान दें: यह राशिफल सामान्य जानकारी के लिए है और केवल उन लोगों के लिए है जो अपने जन्म स्थान या जन्म के समय को निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। ज्योतिष में, किसी जन्म कुंडली के लिए सबसे जरूरी तत्व जन्मस्थान, जन्म तिथि और जन्म का समय माना जाता है। अतः, अपने जन्मस्थान, दिनांक और समय के अनुसार, भारतीय ज्योतिष पर आधारित कुंडली के विवरण को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

नाटाल (जन्म) चार्ट


ग्रह ग्रह दृष्टि
लग्न शनि(120°) केतु(120°) वरूण(120°)
सूर्य चंद्र(150°) गुरू(240°) केतु(150°) वरूण(135°)
चंद्र शुक्र(240°) राहु(180°) अरूण(150°)
बुध गुरू(240°) शनि(150°) यम(180°)
शुक्र चंद्र(120°) केतु(120°) यम(135°)
मंगल वरूण(150°) यम(180°)
गुरू सूर्य(120°) बुध(120°) राहु(90°)
शनि गुरू(90°)
राहु सूर्य(30°) चंद्र(180°) शुक्र(60°) केतु(180°)
केतु चंद्र(0°) शुक्र(240°) गुरू(90°) राहु(180°)
अरूण सूर्य(60°) शुक्र(90°)
वरूण शनि(0°) यम(30°)
यम बुध(180°) मंगल(180°) अरूण(135°)

आपसे संबंधित कुछ तथ्य


आपकी राशि (पाश्चात्य) है - वृश्चिक आपकी राशि (भारतीय) है - मिथुन
आपका लग्न है - वृश्चिक आपके लग्न का स्वामी है - मंगल
आपके लग्न का नक्षत्र है - अनुराधा आपके लग्न के नक्षत्र का स्वामी है - शनि
आपके चंद्र का नक्षत्र है - पुनरवसु आपके चंद्र के नक्षत्र का स्वामी है - गुरू
आपके सूर्य का नक्षत्र है - ज्येष्ठा आपके सूर्य के नक्षत्र का स्वामी है - बुध
आपका शुभ अंक है - 3 और 5 आपका शुभ रंग है - पीला और हरा
आपका शुभ दिन है - गुरूवार और बुधवार आपका शुभ रत्न है - पन्ना या पुखराज