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छह मुखी रुद्राक्ष

छह मुखी रुद्राक्ष को साक्षात कार्तिकेय का स्वरूप माना गया है। इसके संचालक ग्रह शुक्र है। इसे शत्रुंजय रुद्राक्ष भी कहा जाता है। इसे धारण करने से आरोग्यता,श्री एवं शक्ति प्राप्त होती है। जिस बालक को जन्मकुण्डली के अनुसार बाल्यकाल में किसी अरिष्ट का खतरा हो, उसे छह मुखी रुद्राक्ष सविधि पहिनाने से उसकी रक्षा अवश्य होगी। यह विद्या, ज्ञान, बुद्धि का प्रदाता है | छः मुखी रुद्राक्ष पढ़नेवाले छात्रों, बौद्धिक कार्य करनेवालों को बल प्रदान करता है | यह विद्या अध्ययन में अद्भुत शक्ति देता है | इसे धारण करने से अनेक प्रकार के चर्म रोग, हृदय की दुर्बलता तथा नेत्र रोग दूर होते हैं | यह दरिद्रता का नाश करता है | इससे स्मरण शक्ति तीव्र होती है वृषभ और तुला राशि के जातकों को छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है। दांपत्य जीवन में प्रेम की कमी, तलाक से बचने, प्रेम विवाह में सफल होने, संगीत कला में माहिर होने आदि के लिए यह रुद्राक्ष बेहद अहम माना गया है। छ: मुखी रुद्राक्ष का मंत्र 'ऊँ ह्रीं हुं नम:' है।