होम/मंत्र-यंत्र संग्रह/दोमुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष या द्विमुखी रुद्राक्ष शिव और शक्ति का स्वरुप माना जाता है। इसमें अर्धनारीश्व का स्वरूप समाहित है तथा चंद्रमा की शीतलता प्राप्त होती है। द्विमुखी रूद्राक्ष को शरीर के किसी भी अंग में धारण से मानसिक शन्ति एंव पारिवार में आपसी प्रेम व सौहार्द्ध बना रहता है। यदि कार्य व व्यापार में निरन्तर हानि हो रही है, तो दो मुखी रूद्राक्ष धारण करने से लाभ मिलता है। मन, बुद्धि, विवेक पर इस रूद्राक्ष का विशेष प्रभाव रहता है। जिन जाताकों के वैवाहिक जीवन में आपसी अनबन की स्थिति बनी रहती है तो वह लोग पति व पत्नी दोनों को दो मुखी रूद्राक्ष भिमन्त्रित करके गले में धारण करने से शीघ्र ही मतभेद दूर होकर उनमें एकता व परस्पर प्रेम की भावना बलवती होने लगती है। जिन युवक-युवितियों के विवाह में बिलम्ब या बाधा आ रही है, उन्हे यह रूद्राक्ष धराण करने से शुभ परिणाम मिलते है। यह रुद्राक्ष कई तरह की शारीरिक बिमारियों जैसे मोटापे,हृद्य दोष आदि से मुक्ति दिलाता है। कर्क राशि के जातकों के लिए दो मुखी रुद्राक्ष लाभकारी है। दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का आसान मंत्र 'ऊं नम:' है लेकिन विधितः दो मुखी रुद्राक्ष को सोमवार के दिन ‘ॐ अर्धनारीश्वर देवाय नम:’ मंत्र का जप करते हुए धारण किया जाता है।