होम/मंत्र-यंत्र संग्रह/श्री हनुमान यंत्र

श्री हनुमान यंत्र

श्री हनुमान यंत्र नये कार्यों को शुरु करने के लिए तथा उनमें सफलता प्राप्त करने के लिए, कार्यों में आने वाली विघ्न बाधाओं को दूर करने के लिए, सुख, समृद्धि, धन, वैभव, काला जादू, जादू टोना, भूत बाधा, पिशाच बाधा, प्रेत बाधा आदि का निवारण करने के लिए, पराक्रम, साहस तथा युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए किया जाता है। हनुमान यंत्र आप को अपने जीवन पर नियंत्रण करने की शक्ति देता है। यह आप के नेतृत्व गुण को भी प्रोत्साहन देता है, जिसके चलते आप किसी संगठन का नेतृत्व करने में सक्षम होते हैं। यह जीवन में सफलता, शक्ति एवं समृद्घि लेकर आता है। प्रातः नित्यकर्मों से निवृत होकर एवं स्नान करने के बाद लाल वस्त्र पहनें। कुश या ऊन के आसन पर बैठकर हनुमानजी की मूर्ति पर या चित्र पर बने यंत्र (यहाँ बने यंत्र के समान) को सामने रखें और सिंदूर, चावल, लाल पुष्प, धूप, दीप आदि से पूजन करें। मोतीचूर (बूंदी) के लड्डू का भोग लगाएँ। पुष्प हाथ में लेकर निम्न श्लोक पढ़ें :-

अतुलित बलधामं हेम शैलाभदेहं,दनुज-वन कृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्‌।
सकल गुणानिधानं वानराणामधीशं,रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि॥


इसके पश्चात पुष्प अर्पित कर दें। इसके बाद हनुमानजी का ध्यान करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें। अंत में लाल चंदन की माला से'हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्र का 108 बार नित्य जाप करें।