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केतु यंत्र

वैदिक ज्योतिष के अनुसार हमारे जीवन में बहुत सारी बुरी घटनाओं के लिए केतु जिम्मेदार है। सर्जरी, कर्ज, दुर्घटना, अचानक पतन व परिवारिक मामले आदि के लिए केतु ज़िम्मेदार है। कुंडली में प्रतिकूल स्थिति में केतु का होना बेहद घातक है। केतु यंत्र की पूजा करने से इसका विपरीत प्रभाव कुछ कम किया जा सकता है। केतु यंत्र का शुभ प्रभाव जातक को उसकी शिक्षा से संबंधित बहुत अच्छे फल प्रदान कर सकता है। जो किसी न किसी प्रकार की शिक्षा, विशेषतया उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हों जिनमें वकालत तथा प्रशासनिक सेवाओं की पढ़ाई कर रहे जातकों को इस यंत्र के प्रयोग से विशेष रूप से लाभ प्राप्त हो सकता है क्योंकि इन दोनों ही क्षेत्रों पर केतु का प्रभाव रहता है। केतु यंत्र का शुभ प्रभाव ऐसे जातकों को भी बहुत लाभ पहुंचा सकता है जो आध्यतम के क्षेत्र में उन्नति करना चाहते हैं क्योंकि आध्यातमिक उन्नति सीधे तौर पर केतु की सामान्य विशेषताओं की परिधि में आती है। भौतिक स्तर पर भी केतु यंत्र का प्रयोग जातक को कई प्रकार के लाभ प्रदान कर सकता है जैसे कि इस यंत्र के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक को किसी सरकारी संस्था अथवा स्वयम सरकार में ही किसी उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। जिन जातकों को पुत्र प्राप्त करने संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, केतु यंत्र के प्रयोग से इन जातकों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हो सकती है। केतु यंत्र के साथ गणेशजी की पूजा भी करनी चाहिए। यंत्र की पूजा करते समय ऊँ कें केतवे नम: मंत्र का जप करें।