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राहु यंत्र

यदि जन्म कुंडली में राहु प्रतिकूल है तो हर कार्य में असफलता ही मिलती है। ऐसी स्थिति में राहु यंत्र की चल या अचल प्रतिष्ठा करके धारण करने से अथवा पूजन करने से शीघ्र ही अनुकूल फल प्राप्त होने लगते हैं। राहु यंत्र विदेशों में स्थायी रूप से जाकर बसने में अथवा विदेशों में कार्य करने के लिए जाने जैसे शुभ फल भी प्रदान कर सकता है क्योंकि विदेशों में जाकर कार्य करना तथा वहां जाकर रहना राहु के प्रभाव के कारण ही होता है। इंजीनियरों, वकीलों, प्रवक्ताओं, शोधकर्ताओं, अविष्कारकों, खोजकर्ताओं आदि व्यवसायियों को राहु यंत्र का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि इन सभी व्यवसायों पर राहु की कृपा रहती है। इसके अतिरिक्त राहु यंत्र का प्रयोग किसी जातक को उसकी कुंडली मे राहु की विशिष्ट विशेषताओं से संबंधित शुभ फल भी प्रदान कर सकता है। उदाहरण के लिए यदि किसी जातक की कुंडली में राहु महाराज उसके विवाह तथा वैवाहिक जीवन को प्रदर्शित करते हैं तो राहु यंत्र का शुभ प्रभाव ऐसे जातक को उसके विवाह संबंधी विशेष शुभ फल प्रदान कर सकता है जिसके कारण ऐसे जातक का विवाह विदेश में रहने वाली किसी कन्या से हो सकता है जो जातक के विवाह के उपरान्त विदेश में ही बसने का आधार बन सकती है अथवा ऐसे जातक को शादी के पश्चात अपने ससुराल पक्ष से अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त हो सकते हैं। प्रतिदिन सुबह राहु यंत्र की पूजा करें और साथ ही राहु मंत्र का जप भी करें तो शीघ्र ही लाभ होगा।

मंत्र: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:'।

राहु मूल मंत्र का जप 18,000 बार 40 दिन में करें।