होम/मंत्र-यंत्र संग्रह/मां सरस्वती के मंत्र

सरस्वती अराधना मंत्र

या कुंदेंदु तुषार हार धवला या शुभ्र वृस्तावता । या वीणा वर दण्ड मंडित करा या श्वेत पद्मसना ।।
या ब्रह्माच्युत्त शंकर: प्रभृतिर्भि देवै सदा वन्दिता । सा माम पातु सरस्वती भगवती नि:शेष जाड्या पहा ॥


सरस्वती तन्त्रोक्तं मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेणसंस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

सरस्वती मूल मंत्र:- ॐ ऎं सरस्वत्यै ऎं नमः।

सरस्वती जाप मंत्र :- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।

सरस्वती गायत्री मंत्र:

ॐ सरस्वत्यै विधमहे, ब्रह्मपुत्रयै धीमहि । तन्नो देवी प्रचोदयात।
ॐ वाग देव्यै विधमहे काम राज्या धीमहि । तन्नो सरस्वती: प्रचोदयात।


परीक्षा में सफलता के लिए सरस्वती मंत्र

ॐ नमः श्रीं श्रीं अहं वद वद वाग्वादिनी भगवती सरस्वत्यै नमः स्वाहा विद्यां देहि मम ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा।

परीक्षा भय निवारण के लिए सरस्वती मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वीणा पुस्तक धारिणीम् मम् भय निवारय निवारय अभयम् देहि देहि स्वाहा।

स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए सरस्वती मं‍त्र

घंटाशूलहलानि शंखमुसले चक्रं धनुः सायकं हस्ताब्जैर्दघतीं धनान्तविलसच्छीतांशु तुल्यप्रभाम्‌।
गौरीदेहसमुद्भवा त्रिनयनामांधारभूतां महापूर्वामंत्र सरस्वती मनुमजे शुम्भादि दैत्यार्दिनीम्‌॥


बुद्धि कुशाग्र करने के लिए सरस्वती मं‍त्र

सरस्वती महाभागे विद्ये कमल लोचने। विद्यारूपे विशालाक्षी विद्या देहि नमोस्तुते।।