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तीन मुखी रुद्राक्ष

ब्रह्मा, विष्णु और महेश को त्रिशक्ति के रूप में पूजा जाता है, तीन मुखी रुद्राक्ष इन्हीं त्रिशक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है तथा इसे अग्नि देव का स्वरूप माना गया है। तीन मुखी रुद्राक्ष को दत्तात्रेय रुद्राक्ष तथा महामृत्युंजय रुद्राक्ष भी कहते हैं। इसे धारण करने से सभी प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं। पीलिया रोग में यह विशेष लाभप्रद होता है। तीन मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति को क्रियाशील रखता है। बेरोजगारी से मुक्ति दिलाता है। तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने से स्त्री हत्या का पाप शमित होता है। तीनमुखी रुद्राक्ष के कुछ दाने ताँबे के बर्तन में पानी डालकर भिगाये रखें। प्रत्येक 24 घंटे के अंतराल से यह रुद्राक्ष जल खाली पेट प्रातः पीने से विभिन्न चर्म रोगों से मुक्ति में सहायता प्राप्त होती है। इस रुद्राक्ष को पत्थर पर घिस कर नाभि पर लगाने से धातु रोग में लाभ होता है। तीन मुखी रुद्राक्ष की माला को जप करने से यश प्राप्त होता है एवं कामनायें सिद्ध होती हैं।