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प्रकाश व्यवस्था के लिये वास्तु नियम


प्रकाश या लाइट प्रत्येक घर के लिए सबसे आवश्यक तत्वों में से एक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार निर्माण के दौरान स्वाभाविक रूप से प्राकृतिक प्रकाश के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करना आवश्यक है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में सत्त्व कोने का प्रतिनिधित्व उत्तर पूर्व दिशा द्वारा किया जाता है और यह सकारात्मक ऊर्जा और रचनात्मकता का केन्द्र बिन्दु है। इसलिये इस कोने को प्राकृतिक प्रकाश के घर के अंदर प्रवेश करने के मार्ग के रूप मे सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। सूर्य से आने वाले प्रकाश को धरती पर खुशी और भोजन प्रदान करने वाला माना जाता है इस लिए इसका उपयोग घर के अंदर सकारात्मकता को संतुलित करने के लिए किया जाना चाहिए। उचित प्राकृतिक प्रकाश व्यवस्था में पूरे कमरे के माहौल को बदलने की क्षमता है और यह घर के अंदर स्थायी समृद्धि को सुनिश्चित कर सकता है। वास्तु शास्त्र घर के अंदर प्रकाश बनाए रखने के लिए नियमों के विशिष्ट सेट का पालन करता है; इन दिशानिर्देशों का सर्वोत्तम तरीके से उपयोग करने के लिए निम्न लिखित विवरणों को पालन करें-

वास्तु के अनुसार बैठक कक्ष के लिए प्रकाश व्यवस्था:

• वास्तु के अनुसार आकर्षक तरीके से कमरे को रोशन करने के लिए सबसे अच्छा विचार रोशनी प्रदान करने वाले झूमर का प्रयोग है। इसका प्रयोग कक्ष में स्थित सभी वस्तुओं की उपस्थिति को उजागर करने में स्वाभाविक रूप से मदद करता है।
• यदि आप अपने बैठक कक्ष की दीवारों पर टंगे चित्रों को रोशनी द्वारा हाईलाईट करने के इच्छुक हैं तो इस उद्देश्य के लिए वास्तु में अलग-अलग रंगो के प्रकाश का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। आँखों को सुकून प्रदान करने वाले ऐसे रंगों के संयोजन को प्राथमिकता दें जो आपके कमरे की दीवारों के रंग के साथ सही मिश्रण बना सकते हैं।
• यदि आप अपने कमरे में अप्रत्यक्ष रोशनी करना चाहते हैं(शेडेड लैम्प द्वारा) तो इन्हें वास्तु नियमों के अनुरूप स्टाइलिश तरीके से स्थापित करना चाहिए।

वास्तु के अनुसार बेडरूम की रोशनी व्यवस्था:

• वास्तु सिद्धांतों के अनुसार, बेडरूम की रोशनी सामान्य रंग वाली और आँखों को अत्यधिक चुभने वाली नहीं होनी चाहिए। इस क्षेत्र में पेंटिंग और अन्य सजावटी सामग्री को उजागर करने के लिए फोकस प्रकाश व्यवस्था का उपयोग किया जा सकता है।
• इस क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था को स्थापित करने की योजनाएं धैर्यपूर्वक बनाएं ताकि यह बेडरूम में आराम और रोमांटिक माहौल जोड़ सके।
• बेडरूम में सजावटी रोशनी का भी उपयोग किया जा सकता है और उन्हें पूरे स्थान की आभा में सुधार करने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम होना चाहिए।

वास्तु के अनुसार बाथरूम की रोशनी व्यवस्था:

• कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास एक छोटा बाथरूम है या बहुत बड़ा शानदार बाथरूम। वास्तु के अनुसार, इस क्षेत्र में एक आकर्षक वातावरण स्थापित करना हमेशा अच्छा होता है।
• बाथरूम में जहाँ दर्पण लगाया गया है उस स्थान को आवश्यक रोशनी स्थापित करने के लिए सबसे अच्छा स्थान माना जाता है जिससे रंग संयोजन जीवंत और सुखदायक बन सके।
• आपको बाथरूम के आवश्यक वस्तुओं और स्नान टब क्षेत्र के आसपास रोशनी के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। स्नान करते समय वे बहुत अच्छे दिखेंगे एवं इससे बाथरूम में होने वाली दुर्घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

वास्तु के अनुसार अध्ययन कक्ष में रोशनी की व्यवस्था:

• अध्ययन कक्ष प्रत्येक घर के सबसे जरूरी भागों में से एक होता है, अतः वास्तु शास्त्र यह कहता हैं कि इसकी रोशनी की व्यवस्था को अत्यधिक सावधानी के साथ स्थापित किया जाना चाहिए।
• जैसा कि आप इस क्षेत्र को अध्ययन करने के लिये विशेषतः प्रयोग करते है, इसलिए इस कमरे को सबसे अधिक प्रभावी तरीके से रोशन करना जरूरी है, ताकि पढ़ाई के दौरान कोई व्यवधान उत्पन्न न हो सके।
• इस कमरे में नीचे की ओर रोशनी प्रदान करने वाले, ऊपर की ओर रोशनी प्रदान करने वाले और कमरे में सामान्य रूप से चारों तरफ रोशनी प्रदान करने वाले उपकरणों का एक अनूठा संग्रह होना चाहिए।
• इस स्थान में रखे जाने वाले कंप्यूटर जैसे गैजेट के लिये रोशनी की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए।