होम/वास्तु एवं फेंगसुई/शयन कक्ष के लिए फेंगशुई नियम

फेंगशुई में, किसी भी कमरे को स्थापित करने की दिशा व्यक्ति विशेष के कुआ(Kua) संख्या पर निर्भर करता है। लेकिन सामान्य तौर पर, फेंगशुई विशिष्ट प्रयोजनों के लिए दिशा-निर्देश का वर्णन है। फेंगशुई के अनुसार, उत्तर पश्चिमी दिशा परिवार के कुलपिता और मास्टर बेडरूम के लिए आदर्श है। दक्षिण पश्चिम दिशा परिवार की कुलमाता और परिवार के साझा कमरे के लिए आदर्श है। पूर्व दिशा ज्येष्ठ पुत्र के लिए सबसे अच्छा है। पश्चिम दिशा छोटी बेटी के लिए सबसे अच्छा है और दक्षिण दिशा मध्य बेटी के लिए आदर्श है। उत्तर दिशा मध्य बेटे के लिए सबसे अच्छा है। दक्षिण पूर्व दिशा सबसे बड़ी बेटी के लिए और सबसे छोटे बेटे के लिए पूर्वोत्तर दिशा आदर्श है। शयन कक्ष का एक आदर्श स्थान मुख्य दरवाजे से दूर है।
=> ढालूदार छतों के नीचे शयन कक्ष स्थापित करने से बचें। यदि यह आवश्यक है, तो आप ढालू छतों के नकारात्मक प्रभाव को कमजोर करने के लिए एक शामियाना बिस्तर(चंदवा बिस्तर) का उपयोग कर सकते हैं।
=> शयन कक्ष का आकार आयताकार या वर्गाकार होना चाहिए। यदि यह संभव नहीं है, तब आपको एक विभक्त के रूप में एक अच्छे भाग्य के प्रतीक स्क्रीन का उपयोग करना चाहिए जो शयन कक्ष को नियमित आकार में परिवर्तित कर देगा।
=> एक शयन कक्ष में, आपके बिस्तर की स्थिति हमेशा इस तरह से होनी चाहिए ताकि आपका चेहरा आपकी निर्धारण (Kua) संख्या के अनुसार आपके सर्वोत्तम दिशा की ओर रहे।
=> फेंगशुई के अनुसार, यह बहुत महत्वपूर्ण है जब हम बिस्तर में लेटे हुएं हों तब हमें शयन कक्ष का दरवाजा देखने के लिए सक्षम होना चाहिए।
=> हमे अपने बिस्तर को दरवाजे या खिड़की के ठीक सिधाई में रखने से बचना चाहिए साथ ही यह शयन कक्ष में किसी भी दरवाजे के सीधी कतार में नहीं होना चाहिए।
=> शयन कक्ष मे बिस्तर के लिए आदर्श स्थिति दरवाजे से ठीक तिरछी दिशा है लेकिन बिस्तर दीवार के साथ विकर्ण नहीं होना चाहिए।
=> शयन कक्ष में जिस दीवार पर दरवाजा हो, वहाँ बिस्तर कभी नहीं लगाना चाहिए।
=> सोते समय आपके पैरों को दरवाजे की ओर कभी नहीं होना चाहिए।
=> हमेशा एक दरवाजा और एक खिड़की के बीच सीधे सोने से बचें। यह भी महत्वपूर्ण है कि बिस्तर को दो दरवाजों के बीच कभी भी नहीं रखा जाना चाहिए।
=> हमेशा एक बीम के नीचे सोने के लिए से बचें क्योंकि यह बीमारी पैदा कर सकता है।
=> शयन कक्ष में, कभी भी एक बाथरूम द्वारा साझा दीवार पर बिस्तर नही लगाना चाहिए।
=> किसी भी दर्पण को जो बिस्तर को प्रतिबिंबित कर रहा है, शयन कक्ष में नहीं रखना चाहिए। अलमारी के मामले में यदि उसमे दर्पण लगा है तो ऐसी स्थिति में हमेशा सोते समय दर्पण को ढक देना चाहिए।
=> शयन कक्ष में एक टीवी कभी नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह एक दर्पण की तरह व्यवहार करता है।
=> शयन कक्ष का रंग मनुष्य की त्वचा के रंगों में होना चाहिए (गहरे चॉकलेटी से पीत-सफेद तक के रंग)। सबसे उपयुक्त रंग क्रीम, आड़ू, और पीत-गुलाबी हैं।
=> शयन कक्ष में प्राकृतिक पौधों और मछलीघर कभी नहीं रखना चाहिए।
=> शयन कक्ष एक गैरेज, स्टोर रूम या रसोई के ऊपर और एक शौचालय के नीचे कभी स्थापित नहीं किया जाना चाहिए।
=> अगर शयन कक्ष से संलग्न एक बाथरूम है, तो यह सुनिश्चित करें कि यह सीधे बिस्तर के सामने नहीं होना चाहिए तथा यह भी सुनिश्चित कर लें कि बाथरूम का दरवाजा सभी समय पर बंद रहे।
=> एक शयन कक्ष में किसी भी खोपड़ी, मृत्यु एवं हिंसक दृश्यों, चाकू, पानी के दृश्य आदि के चित्रों को कभी नहीं लगाना चाहिए।
=> बिस्तर के नीचे कभी भी कुछ भी नहीं रखें।
=> शयन कक्ष में, कचरे के डिब्बे को हमेशा छिपा कर रखें।