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भोजन कक्ष के लिए वास्तु नियम

घर में भोजन कक्ष एक ऐसा स्थान होता है जहाँ लोग परिवार के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते हुए नियमित गपशप करना पसंद करते हैं। व्यक्तिगत आंतरिक सकारात्मक आभा सुनिश्चित करने के लिए, इस स्थान को अतिरिक्त देखभाल और प्रेम के साथ सजाना आवश्यक है। सबसे अच्छा विचार यह है कि सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना चाहिये।

भोजन कक्ष की दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, भोजन कक्ष घर के पश्चिमी दिशा में रखा जाना चाहिए। यदि यह संभव नहीं है तो उत्तरी या पूर्वी दिशा घर में भोजन कक्ष के लिए दूसरा सबसे अच्छा विकल्प है। लेकिन घर के दक्षिण दिशा में भोजन कक्ष स्थापित करने से बचा जाना चाहिए।
- यह भी महत्वपूर्ण है कि रसोई घर और भोजन कक्ष घर के एक ही मंजिल में होना चाहिए।
- खाने के कमरे में दरवाजा कमरे के पूर्व, उत्तर, या पश्चिम की ओर की ओर होना चाहिए और दरवाजों में दो शटर होना चाहिए।
- यह भी महत्वपूर्ण है कि खाने के कमरे के दरवाजे और घर के मुख्य प्रवेश द्वार सीधे एक दूसरे का सामने स्थित नहीं होना चाहिए ।
- खिड़कियों को भोजन कक्ष के पूर्व या उत्तर की ओर स्थापित किया जाना चाहिए।

डाइनिंग टेबल रखने के लिए वास्तु नियम

- खाने की मेज चौकोर या आयताकार होना चाहिए और इसे दीवार से सटाकर नहीं रखना चाहिए।
- यह महत्वपूर्ण है कि खाने की मेज के साथ कुर्सियों की संख्या सम संख्या में होना चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों के बीच विवाद कम से कम होगा।

भोजन कक्ष के लिए पेंटिंग का चयन:

भोजन कक्ष की सजावट का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष दीवार की सजावट है। यदि आप दीवार की सजावट के लिए वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का पालन करते हैं तो आप यहाँ आसानी से वांछित माहौल को बनाए रख सकते हैं जिससे कि आप अपने परिवार के संबंधों में अधिक सद्भाव और संतुलन बनाने में सक्षम होंगे। सर्वप्रथम इस कमरे के लिए एक सुंदर वॉल पेंटिंग प्राप्त करें; आप एक सुंदर प्राकृतिक परिदृश्य वाला चित्र चुन सकते हैं। वास्तु में सामने की दीवार पर साहसी क्षणों की तस्वीर या आंखों को सुन्दर लगने वाले फूलों की तस्वीर को लगाना अच्छा माना जाता है। इससे पहले कि आप अपनी दीवार के लिए पेंटिंग खरीदने के लिए जाते हैं, चित्रों के आयामों को मापना अच्छा होगा, जो आपके रूम डेकोर के अनुरूप होना चाहिये। एक देशी शैलीय इंटीरियर डेकोर के लिए, सुंदर परिदृश्य खरीदना अच्छा है। वास्तु शास्त्र भोजन कक्ष के चित्रों के लिए चांदी या सोने के रंग वाले फ्रेमों का उपयोग करने की सलाह देता हैं।

डिस्प्ले शेल्फ:

आपके भोजन कक्ष में एक खुला शेल्फ भी स्थापित किया जा सकता है जिसे सुंदर वस्तुओं से सजाया भी जा सकता है। इस शेल्फ को अधिक आकर्षक और सुंदर बनाने के लिए इसमें कुछ सुंदर क्रॉकरियों को प्रदर्शित करें। खाने के कमरे के खुले शेल्फ पर शीशा मढ़ना बहुत आकर्षक लगता हैं और इसे वास्तु में शुभ भी माना जाता है। इस शेल्फ को धूल और अव्यवस्था से मुक्त रखने को प्राथमिकता दें।

भोजन कक्ष में दर्पण:

वास्तु हमेशा दर्पण को प्राथमिकता देता है और ये भोजन कक्ष के लिए भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह भ्रम पैदा करने का सबसे अच्छा तरीका है जिससे कि कमरे अपने वास्तविक आकार से बढ़े प्रतीत हो सके। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन कक्ष में दर्पण की उपस्थिति आंखों को ठंडक प्रदान करती है और यह स्वाभाविक रूप से परिवार के सभी सदस्यों की मनोदशा को सकारात्मक बनाकर एक साथ बेहतर समय बिताने में मदद कर सकता है। वास्तु भोजन कक्ष में बड़े और साथ ही साथ छोटे आकार के दर्पण को लगाने की अनुमति देता है।

भोजन कक्ष में सजावटी वस्तुओं के लिये वास्तु नियम:

खाने की मेज पर आकर्षक सजावटी वस्तुओं को रखना अच्छा है क्योंकि वास्तु शास्त्र में यह माना जाता है कि यह पर्यावरण को सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाता है। लेकिन आपको इन सजावटी वस्तुओं के चयन में कुछ सावधानी बरतना आवश्यक है। इस क्षेत्र को कुछ ऐसी वस्तुओं से सजाने का प्रयास करें जिनमें कुछ विलासिता का तत्व हो। वास्तु के अन्तर्गत खाने की मेज के ऊपर रोशनी वाले झूमर को लटकाना अच्छा माना जाता है। खाने की मेज पर बांस से बनी टोकरी जो सब्जियों और फलों से भरी हुई हो को रखना अच्छा माना जाता है। यह आपके कमरे में सुखद नज़ारे को बनाये रखता है और वास्तु के अनुसार इससे परिवार के आपसी सद्भाव में सुधार आता है।

भोजन कक्ष के लिए पौधों का चयन :

सदैव अपने भोजन कक्ष में कुछ वायु को शुद्ध करने वाले पौधों को रखने का प्रयास करें। वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार, ये इस स्थान में सकारात्मक ऊर्जा को बड़ाने और परिवार के सदस्यों के बीच मधुर सम्बन्धों को दृढ़ करने में मदद करते हैं। ये पौधे आपके घर में एक प्राकृतिक वातावरण का सृजन करते हैं। इनडोर प्लान्टस कमरे के वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में मदद करते हैं और ये घर को उसमे रहने वाले लोगों के लिए प्यार और शांति से परिपूर्ण कर सकते हैं।

भोजन कक्ष के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स

- भोजन कक्ष का आकार चौकोर या आयताकार होना चाहिए।
- भोजन कक्ष, बाथरूम या टॉयलेट के ऊपर या नीचे कभी भी निर्मित नहीं किया जाना चाहिए। भोजन कक्ष शौचालय के सामने कभी भी निर्मित नहीं करना चाहिए यहाँ तक की बाथरूम या टॉयलेट की दीवार एवं भोजन कक्ष की दीवार कभी भी एक(साझा) नहीं होनी चाहिए । यह भी महत्वपूर्ण है कि भोजन कक्ष का दरवाजा कभी भी शौचालय के दरवाजे के ठीक सामने नहीं होना चाहिए।
- यह महत्वपूर्ण है कि खाना खाते समय परिवार के मुखिया का सिर पूर्व की ओर होना चाहिए। अन्य सदस्यों के मुख खाना खाते समय पूर्व, उत्तर या पश्चिम की ओर हो सकता है, जबकि पूर्व दिशा की और मुख बच्चों के लिए सर्वोत्तम है।
- यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि खाने के कमरे में भोजन करते समय, कोई बीम या मचान सिर के ऊपर नहीं होना चाहिए ।
- भोजन कक्ष की दीवारों का रंग हरा, नारंगी, क्रीम या गुलाबी होना चाहिए। सफेद और काले रंग से बचें।
- फ्रिज, माइक्रोवेव, रेडियो और टेलीविजन भोजन कक्ष के दक्षिण-पूर्व कोने में रखा जाना चाहिए।
- वॉश बेसिन भोजन कक्ष के पूर्वोत्तर दिशा में रखा जाना चाहिए।
- यह सबसे अच्छा विचार है कि खाने के कमरे में प्राकृतिक चित्रों को लगाया जाए । इससे माहौल खुशनुमा बनता है।

Vastu for Dining Room