होम/वास्तु एवं फेंगसुई/अध्ययन कक्ष के लिए वास्तु नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के पूर्वोत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में अध्ययन कक्ष रखा जाना चाहिए क्योंकि ये दिशा-निर्देश वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत शुभ हैं। लेकिन कभी भी अध्ययन रूम घर के किसी भी कोने में नहीं रखें। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि यह कभी भी घर के उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं रखा जाना चाहिए ।
- अध्ययन कक्ष में, अध्ययन मेज इस तरह से रखा जाना चाहिए ताकि पढ़ाई के दौरान बच्चों का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे क्योंकि यह बच्चों के ज्ञान वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
- अध्ययन मेज आकार में वर्गाकार या आयताकार होना चाहिए और यह भी महत्वपूर्ण है कि यह बहुत बड़ा या बहुत छोटा नहीं होना चाहिए।
- किताबो की अलमारी और कैबीनेट अध्ययन कक्ष के पूर्व, उत्तर, और उत्तर-पूर्व दिशाओं में रखा जाना चाहिए। किताबो की अलमारी और कैबीनेट अध्ययन कक्ष के उत्तर पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशाओं में नहीं होना चाहिए।
- कंप्यूटर अध्ययन कक्ष के दक्षिण-पूर्व या पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए।
- अध्ययन कक्ष की दीवारों का रंग हल्का नीला, हल्का हरा, क्रीम, बादामी या हल्के भूरे रंग का होना चाहिए। यह बच्चों में बेहतर सीखने की शक्ति लाता है।
- पढ़ाई के दौरान बच्चों को एक बीम के नीचे अध्ययन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालता है और उनकी सीखने की शक्ति को प्रभावित करता है।
- खिड़कियां बड़ी होनी चाहिए और इन्हे अध्ययन कक्ष की उत्तरी या पूर्वी दिशा में रखा जाना चाहिए।
- दरवाजों को अध्ययन कक्ष के उत्तर पूर्व, उत्तर, या पश्चिम दिशा में स्थित होना चाहिए और दरवाजों के दो-किवाड़ होना चाहिए।
- हमेशा अध्ययन कक्ष में टेलीविजन या अन्य शोर साधन से बचें क्योंकि इनकी प्रवृत्ति है कि यह बच्चों की एकाग्रता में बाधा लाता है। आप बेहतर एकाग्रता के लिए हल्का संगीत बजा सकते हैं।
- अध्ययन कक्ष में समुचित प्रकाश होना चाहिए। यह बहुत प्रकाशवान होना चाहिए। टेबल-लैंप अध्ययन मेज के दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए।